देनदार – लेनदार
ग्राहक द्वारा जमा कराई गई राशि के लिए ग्राहक लेनदार और
बैंक देनदार बन जाता है।लेनदार – देनदार
बैंक द्वारा ॠण उपलब्ध कराए जाने की स्थिति में बैंक लेनदार और ग्राहक देनदान बन जाता है।
उपनिहिती - उपनिधाता
सुरक्षित अभिरक्षा सेवाओं के लिए बैंक उपनिहिती और अन्य उपनिधाता है।
न्यासी – लाभार्थी
ड्राफ्ट के मामले में
पट्टाकर्ता और पट्टेदार
लॉकर के लिए बैंक पट्टाकर्ता है और ग्राहक पट्टेदार
बंधककर्ता और बंधकग्राही
बंधक
समनुदेशी – समनुदेशिती
समनुदेशन
ऐजेन्ट – प्रिंसीपल
चेक, बिल इत्यादि की वसूली
बिजली का बिल, बीमे की किस्त, क्लब की फीस इत्यादि का भुगतान
परामर्शदाता के रूप में बैंक
आजकल बैंक परामर्शदात्री सेवाएं और सलाह प्रदान कर ग्राहकों की मदद कर कर रहे हैं।
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