पे
आर्डर - डीडी के मामले में जारीकर्ता
और
भुगतान करनेवाली शाखा दो भिन्न स्थानों
पर
स्थित होती है वहीं यदि उसी केंद्र
में
डीडी आहरित करने की आवश्यकता
पड़े
तो
ऐसी
स्थिति में बैंक पे आर्डर जारी करती है अर्थात्
इसमें जारीकर्ता और भुगतानकर्ता
शाखा एक ही शाखा होती है। यह हमेशा क्रॉश होती है जबकि डीडी को उसके क्रेता
के
निदेशानुसार ही क्रॉश किया जाता है।
पे
आर्डर जारी
करना
आवेदन फॉर्म एसीटी-10 भरकर आवेदक इसे जमा करेगा।
साथ
में
समरूप नकद राशि या चेक देगा जिससे उसके खाते को नामे (डेबिट)
किया जाए। इसे हमेशा बैंक के दो प्राधिकृत
अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित
होना है।
प्रविष्टियां -
नामे - नकदी/ग्राहक
का
खाता
जमा - पे आर्डर
जब पे आर्डर
भुगतान हेतु प्रस्तुत
की
जाती है तो जांच उपरांत
नामे - पे आर्डर
जमा - क्लीयरिंग
हाउस खाता/सेवा शाखा/ग्राहक
खाता
पे आर्डर का नकद भुगतान
नहीं होता है।
डूप्लीकेट
पे आर्डर
जारी करना
पे आर्डर गुम होने पर उचित छानबीन
कर
और
संतोषप्रद स्पष्टीकरण प्राप्त
करने के उपरांत
डूप्लीकेट पे आर्डर इन्डेमनीटी
और
लिखित अनुरोध प्राप्त
कर
जारी की जा सकती है।
जिसमें डूप्लीकेट
पे
आर्डर मूल संख्या . . . .के गुम होने पर जारी लिखा हो और इस तरह की नोटिंग
आवश्यक रजिस्टर में भी
की
जाए।
No comments:
Post a Comment