भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अपने ग्राहक को जाने संबंधी मानदंड – धन शोधन निवारण उपाय के बारे में जारी
दिशानिर्देशों के अनुसार बैंकों से यह अपेक्षित है कि वे अपने ग्राहक को जाने
संबंधी मानदंड एवं धन शोधन निवारण उपाय के बारे में व्यापक नीति बनाएं। भारतीय
रिज़र्व बैंक द्वारा जारी दिशानिर्देशों में अपने ग्राहक को जाने सबंधी मानदंड और
आतंकवाद को वित्तपोषण्ण को रोकने के संबंध में गठित वित्तीय कार्रवाई कार्य बल
द्वारा की गई सिफारिशें को ध्यान में रखा गया है। इन दिशानिर्देशों में ग्राहक
सम्यक् तत्परता उपाय के संबंध में बासेल समिति दस्तावेज में अंतर्विष्ट पहलू
भी शामिल किए गए हैं जो वित्तीय अपराध को रोकने में विधि प्रवर्तन प्राधिकरणों को
सहायता करने से संबंधित अंतरराष्ट्रीय वित्तीय समुदाय के संकल्प की प्रतिच्छाया
है। यह नीति दस्तावेज भा.रि. बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है
और इसमें ग्राहक पहचान कार्यवधि संबंधी बैंक के दृष्टिकोण, जोखिम अनुमान पर आधारित
ग्राहक के प्रोफाइल तथा चालू आधार पर लेन-देन की मानीटरिंग को शामिल किया गया है।
धन शोधक आपराधिक कार्यकलापों से प्राप्त काले धन के स्रोत को छिपाने के
उद्देश्य से उसे सफेद बनाने के लिए बैंकिंग प्रणाली का उपयोग करते हैं। धन शोधन
की प्रक्रिया में वित्तीय लेन-देन के एक जाल का सृजन करना शामिल है जिससे कि उन
निधियों के स्रोत और सही स्वरूप को छिपाया जा सके।
नीति के महत्वपूर्ण तत्व
- ग्राहक को स्वीकार करने संबंधी नीति
- ग्राहक पहचान संबंधी कार्यवधि
- लेन-देन की मानीटरिंग
- जोखिम प्रबंध
ग्राहक को स्वीकार करने संबंधी नीति
i. बैंक ग्राहको को विभिन्न जोखित श्रेणियों में
वर्गीकृत करेगा तथा जोखिम बोध के आधार पर प्रत्येक श्रेणी के ग्राहकों को स्वीकार
करने संबंधी मानदंड के बारे में निर्णय करेगा;
ii. ग्राहक पहचान कार्यवधि में यथानिर्धारित ग्राहकों की
पहचान का सत्यापन करने के बाद उन्हें स्वीकार करेगा ;
iii. अज्ञात/काल्पनिक / बेनामी व्यक्तियों के नाम में
खाते खोलेगा;
iv . सम्यक् तत्परता बरतने के साथ-साथ बैंक यह
सुनिश्चित करेगा कि अपनाई गई कार्यवधि का परिणाम आम जनता, विशेषकर वित्तीय या
सामाजिक रूप से असुविधाग्रस्त लोगों को बैंकिंग सेवाओं से वंचित करना नहीं होगा।
लेन-देन की मानीटरिंग
लेन-देन की मानीटरिंग खाते की जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखकर की
जाएगी। सभी जटिल, असाधरण रूप से बड़े लेन-देन तथा ऐसे सभी असाधारण दृष्टांतों पर
विशेष ध्यान दिया जाएगा जिनका कोई प्रत्यक्ष तार्किक या दृश्य विधिक प्रयोजन न
हो। जिस लेन-देन में ऐसी अधिक नकदी शामिल हो जो ग्राहक के सामान्य एवं प्रत्याशित
कार्यकलाप के असंगत हो उसकी विस्तृत छानबीन की जाएगी।
बैंकों में समुचित सतर पर सम्यक् तत्परता बरते जाने के बाद संदिग्ध स्वरूप
के लेन-देन और/या धन शोधन निवारण अधिनियम के अधीन अधिसूचित किसी अन्य प्रकार के
लेन-देन की रिपोर्ट समुचित प्राधिकारी को की जाएगी और ऐसे लेन-देन के रिकार्ड का
अनुरक्षण किया जाएगा तथा उक्त अधिनियम में यथाविहित अवधि तक बनाए रखा जाएगा।
जोखिम प्रबंध
यद्यपि बैंक ने इस नीति के कार्यान्वयन में जोखिम दृष्टिकोण अपनाया है
तथापि समुचित प्रबंधकीय निरीक्षण, प्रणाली, नियंत्रण एवं अन्य संबंधित मामलों को
समाहित करते हुए समुचित ढांचा बनाना आवश्यक है।
बैंक की आंतरिक लेखा-परीक्षा एवं अनुपालन कार्य से विधिक एवं विनियामक
अपेक्षा सहित अपने ग्राहक को जानें/धन शोधन निवारण एवं कार्यविधियों का स्वतंत्र
मूल्यांकन हो सकेगा। संगामी/आंतरिक लेखा परीक्षक शाखाओं में अपने ग्राहक को
जानें/धन शोधन निवारण कार्यविधि के उपयोजन की विनिर्दिष्ट रूप से जांच एवं सत्यापन
करेंगे तथा इस संबंध में पाई गई कमियों पर अपनी टिप्पणी देंगे। इस संबंध में
अनुपालन की स्थिति तिमाही अंतराल पर बोर्ड की लेखा-परीक्षा समिति के समक्ष रखी
जाएगी।
बैंक सतत आधार पर कर्मचारी प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएगा जिससे कि स्टाफ
सदस्य अपने ग्राहक को जानें/धन शोधन निवारण कार्यविधि में पर्याप्त रूप से
प्रशिक्षित हो सकें।
अपने ग्राहक को जानें एवं पहचान
ग्राहक के बारे में पर्याप्त जानकारी रखना और उस जानकारी का उपयोग करना
अपराध की प्राप्तियों के शोधन के प्रयास को विफल करने का प्रभावी उपाय है। अपने
ग्राहक को जाने संबंधी पर्याप्त जानकारी अवैध कार्यकलापों के लिए उपयोग किए जाने
की जोखिम को कम करने के अतिरिक्त बैंक का कपट से बचाव करती है, संदिग्ध
कार्यकलाप की पहचान करने में उसे समर्थ बनाती है तथा ख्याति की जोखिम और वित्तीय
जोखित से उसका बचाव करती है।
अपने ग्राहक को जानें संबंधी मानदंडों में लचीलापन
सभी व्यक्तियों को मूलभूत बैंक सुविधाएं मुहैया कराना एक विनियामक
उद्देश्य है और इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए भा.रि.बैंक द्वारा बैंकों को
सूचित किया गया है कि वे पहचान एवं पते के सबूत से संबंधित दस्तावेजों की अपेक्षा
में आवश्यक लचीलापन लाएं। ऐसे व्यक्तियों के लिए अपने ग्राहक को जानें संबंधी सरलीकृत
कार्यविधि से संबंधित दिशानिर्देश जारी किया है जो रू.50000/- से अनधिक जमा शेष
रखना चाहते हैं और किसी वर्ष जिनकी कुल जमा राशि के रू.100000/- से अधिक बढने की
आशा नहीं है। बैंक के शाखाओं को भेजे गए अपने पत्र में यह प्रावधान शामिल किया है
कि जब भी खातों में लेन-देन या औसत शेष उपर्युक्त सीमा से अधिक हो तो ऐसे खातों
को अपने ग्राहक को जानें संबंधी नियमित मानदंडों के समरूप किया जाए।
निम्नलिखित सावधानियां बरती जाएं -
क.
अपने
ग्राहक को जानें संबंधी दिशानिर्देश के कार्यान्वयन का परिणाम जनता, विशेषकर वित्तीय
या सामाजिक रूप से असुविधाग्रस्त लोगों को बैंकिंग सुविधाओं से (खाता खोलने सहित)
वंचित करना नहीं होना चाहिए।
ख.
ग्राहक
को स्वीकार करने की नीति से संबंधित विस्तृत विनियामक दिशानिर्देश में यह
परिकल्पित है कि आपराधिक पृष्ठभूमिवाले और/या आतंकवादी संगठनों से जुड़े व्यक्तियों
को खातेदार के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित करना आवश्यक हो
सकता है कि सही प्रयोजन से केवल इस कारण से उन्हें बैंकिंग सुविधाओं से वंचित
नहीं किया जाता है कि उनके विरुद्ध आपराधिक आरोप लगाया गया है या पूर्व में उन्हें
किसी प्रकार से तंग किया गया है।
ग.
एकल
परिचयकर्ता द्वारा (खातेदार या स्टाफ) कई खातों का परिचय किए जाने की बात को
सावधानीपूर्वक स्वीकार किया जाए।
घ.
विद्यमान
खातेदारों के मामले में, यदि पहले नहीं किया गया हो तो तात्विकता एवं जोखिम के
आधार पर मीयादी/आवर्ती जमा खातों के संबंध में में अपने ग्राहक को जानें संबंधी
कार्यविधि पूरी की जानी चाहिए।
ङ.
ग्राहक
से एकत्र की गई सूचना गोपनीय मानी जाएगी और प्रति-बिक्री या किसी अन्य प्रयोजन के
लिए उसके किन्हीं ब्योरे को बाह्यत: प्रकट नहीं किया जाएगा।
च.
नामे
कार्ड, जमा कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग सुविधाओं और अन्य नए प्रौद्योगिकी उत्पाद
हेतु ग्राहक के जोखिम, वर्गीकरण के लिए यथा लागू अपने ग्राहक को जानें सबंधी मानदंड नए खातों हेतु अपनाए जाएंगे।
नकदी लेन-देन की उच्चतम सीमा
भा.रि.बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार बैंक से यह अपेखित है कि वह
रू.50000/- एवं उससे अधिक के यात्री चेक, मांग, ड्राफ्ट, डाक अंतरण और तार केवल
ग्राहक के खाते नामे डालकर या चेक के प्रति जारी करे, नकदी के प्रति नहीं।
धन शोधन निवारण और अनुपालन के मूल सिद्धांत एवं
उद्देश्य
भारतीय विधान, नियम और विनियम के अनुपालन में बैंक द्वारा निम्नलिखित मूल
सिद्धांतों को अंगीकार किया गया है एवं बनाए रखा गया है।
क) नीतियां, कार्यवधि एवं
नियंत्रण स्थापित किया जाना चाहिए और बनाए रखा जान चाहिए जिसका उद्देश्य
अपराध की प्राप्तियों के शोधन हेतु बैंक के उत्पादों और सेवाओं का उपयोग करने से
अपराधियों को रोकता है।
ख) नीतियां, कार्यविधि एवं नियंत्रण विकसित करने में बैंक को विभिन्न
जोखिम स्तर की जानकारी होनी चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कार्यविधि इस दस्तावेज
में उपवर्णित मानदंड से कम न हो जाए, बैंक को अपनी नीतियां एवं कार्यविधि अनुभूत
जोखिम के अनुसार तैयार करनी चाहिए।
ग) बैंकिंग सेवाओं के उपयोगकर्ता, प्रधान हिताधिकारी स्वामी तथा ग्राहक
से यथाप्राप्त जमा की जानेवाली/विप्रेषित की जानेवाली/निधियों के स्रोत की पहचान
करने हेतु आपने ग्राहक को जाने संबंधी तुष्टिजनक कार्यविधि तैयार की जाए। इसमें
सामान्यत: ग्राहक द्वारा संचालित किए जा सकने वाले कारबार के स्वरूप को जानना
तथा ऐसे लेन-देन के बारे में सतर्क होना भी शामिल है जो संबंध के भीतर असामान्य
हैं।
घ) धन शोधन से संबंधित सभी कार्यकलाप के लिए केन्द्र बिन्दु के रूप में
कार्य करने हेतु अनुपालन को मानीटर करने हेतु तथा बोर्ड या बैंक के वरिष्ठ
प्रबंधन के पास नियमित रूप से अनुपालन रिपोर्ट भेजने हेतु पर्याप्त वरिष्ठ,
सक्षम एवं स्वतंत्र प्रधान अधिकारी की नियुक्ति अनिवार्यत: की जाए।
ङ) संदिग्ध लेन-देन क रिपोर्टिंग लाइन स्पष्ट एवं असंदिग्ध होनी चाहिए
तथा सभी रिपोर्ट देर किए बिना प्रधान अधिकारी के पास पहुंच जानी चाहिए।
ग्राहक की पहचान
कार्यवधि
क) ग्राहक की पहचान
के प्रयोजनार्थ प्रारंभ में एकत्र की गई जानकारी में निम्नलिखित शामिल होंगे:
i. खाता खोलने या
संबंध स्थापित करने का प्रयोजन और कारण
ii.हाथ में लिए जाने
वाले कार्यकलाप का प्रत्याशित स्तर और स्वरूप
iii.उपयोग की
जानेवारी निधियों का अपेक्षित स्रोत
iv. बैंक खातों के
लिए पेशा/नियोजन के ब्योरे प्राप्त किए जाएं और कुछ बैंकिग संबंधों के लिए धन या
आय के स्रोत अपेक्षित होंगे।
ख) विभिन्न प्रकार
के देयता खातों के लिए अपने ग्राहक को जानें संबंधी प्रलेखीकरण
निम्नलिखित नए प्रलेखीकरण संबंधी दिशानिर्देश चालू, बचत एवं मीयादी जमा
खाता खोलनेवाले सभी नए ग्राहकों पर नया लेन-देन खाता खोलनेवाले विद्यमान ग्राहकों
पर (जहां विद्यमान प्रलेखीकरण इन संशोधित प्रलेखीकरण मानदंडों के समरूप हैं, उन्हें
छोड़कर) लागू होंगे। विद्यमान चालू खाते ऐसे खातों के लिए बैंक द्वारा तैयार किए गए
दिशानिर्देशों अनुसार तात्विकता एवं जोखिम मानदंड लागू करते हुए अपने ग्राहक को जाने
संबंधी संशोधित कार्यवधि के अध्यधीन होंगे। ऐसी दस्तावेज/जानकारी के स्वरूप एवं
प्रकार की सूची नीचे दी जा रही है जिनपर ग्राहक की पहचान के लिए भरोसा किया जाए -
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रूपरेखा
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दस्तावेज
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व्यक्तियों एवं
स्वत्वधारियों के खाते
- विधिक नाम और
प्रयोग किए जानेवाले कोई अन्य नाम
पता
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(i) पासपोर्ट, (ii) पैन कार्ड, (iii)
मतदाता का पहचान-पत्र, (iv) ड्राइविंग लाइसेंस और फोटोग्राफ, (v)
पहचान-पत्र/नियोजक का पुष्टीकरण-पत्र(बैंक की तुष्टि के अध्यधीन), (vi) बैंक की तुष्टि के अनुसार ग्राहक की पहचान
एवं आवास का सत्यापन करनेवाले किसी मान्यता प्राप्त लोक प्राधिकारी या लोक
सेवा का का पत्र,(vii)
नियोजक/अन्य बैंक का पुष्टीकरण-पत्र(बैंक की तुष्टि के अध्यधीन
(i) पासपोर्ट, (ii)
मतदाता का पहचान-पत्र, (iii)
ड्राइविंग लाइसेंस, (iv) टेलीफोन बिल, (v)
बैंक के खाते का विवरण, (vi) किसी मान्यताप्राप्त लोक प्राधिकारी का
पत्र, (vii) बिजली बिल, (viii) राशन कार्ड (ix) नियोजक का पत्र (बैंक की तुष्टि के अध्यधीन)
(बैंक की तुष्टि
के अनुसार ग्राहक संबंध में जानकारी प्रदान करनेवाला कोई भी दसतावेज पर्याप्त
होगा। यदि ग्राहक द्वारा वर्तमान पता दस्तावेज में दिए गए पते से भिन्न हो तो
बैंक अपनी तुष्टि के अनुसार पता सिद्ध करने के लिए दस्तावेज में दिए गए पते पर
दौरा करके वर्तमान पते की पुष्टि कर सकता है)।
ग्रामीण शाखाओं के
लिए उपर्युक्त कोई भी दस्तावेज न रहने पर आवेदक की पहचान एवं पता सिद्ध करने
के लिए राशन कार्ड/स्थानीय निकाय/गैर-सरकारी संस्था/एमएफआई का प्रमाणपत्र
पर्याप्त होगा। स्वत्वधारी फर्म के मामले में स्वत्वधारी का पहचान उपर्युक्त
रूप से की जाए।
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कंपनियों के खाते
- कंपनी का नाम
- कारबार का
प्रमुख
- कंपनी का डाक
पता
- टेलीफोन / फैक्स
नंबर
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(i) निगमन
प्रमाणपत्र तथा संगम ज्ञापन और संगम अनुच्छेद, (ii)
खाता खोलने के लिए निदेशक मंडल का संकल्प और खाते की परिचालन करने के लिए
प्राधिकृत अधिकारियों की सूची (iii)
प्राधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की पहचान कंपनी द्वारा सम्यक रूप से प्रमाणित
फोटोग्राफ और हस्ताक्षर कार्ड पर आधारित होनी चाहिए, (iv)
मुख्तारनामा, यदि उसके प्रबंधकों, अधिकारियों या कर्मचारियों को उसकी ओर से
कारबार चलाने के लिए प्रदान किया गया हो, (v)
पैन आबंटन पत्र की प्रति
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साझेदारी फर्म के
खाते
विधिक नाम
पता
सभी साझेदारों के
नाम और उनके पते
फर्म एवं साझेदारों
के टेलीफोन नंबर
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(i) यदि रजिस्ट्रीकृत
हो तो रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र, (ii) साझेदारी विलेख, (iii) उसकी ओर से कारबार चलाने के लिए किसी
भागीदार या फर्म के किसी कर्मचारी को दिया गया मुख्तारनामा, (iv)
मुख्य भागीदार एवं मुख्तारनामा धारित करनेवाले व्यक्तियों, और उनके पते की
पहचान करनेवाला कोई दस्तावेज (जैसा व्यक्तिगत खातों के लिए ऊपर दिया गया हो, (v)
साझेदारों के फोटोग्राफ (कम से कम उनके जो खाते का परिचालन करते हों), (vi) फर्म/साझेदारों के नाम में टेलीफोन
बिल/उपयोगिता बिल।
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न्यास एवं
प्रतिष्ठान के खाते, न्यासियों व्यवस्थापकों, हिताधिकारियों एवं हस्ताक्षरकर्ताओं
के नाम
संप्रवर्तक,
प्रबंधकों / निदेशकों एवं हिताधिकारियों के नाम और पते
टेलीफोन / फैक्स
नंबर
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(i) यदि रजिस्ट्रीकृत
हो तो रजिस्ट्रीकरण प्रमाण-पत्र, (ii) उसकी ओर से कारबार चलाने के लिए दिया गया मुख्तारनामा (iii)
संबंधित बैंक की तुष्टि के अनुरूप न्यासियों, व्यवस्थापकों, हिताधिकारियों,
मुख्तारनामाधारकों तथा न्यास के दैनंदिन प्रबंध में शामिल अन्य प्रमुख
अधिकारियों के नाम और पते सूचीबद्ध करते हुए कोई दस्तावेज, (iv)
प्रतिष्ठान/संघ के प्रबंध निकाय का संकल्प, (v)
परिचालनकर्ता न्यासियों के फोटाग्राफ (iv)टेलीफोन बिल/उपयोगिता बिल
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